रजसथन क कष जखम परबधन क कलक वशलषणर परधनमतर फसल बम यजन क सदरभ म कष बम क पहच एव परभवशलत क अधययन-नगर जल क वशष सदरभ
Abstract
विभिन्न जलवायवीय विषमताओं एवं कृषि-जोखिमों से प्रभावित राजस्थान, भारत का सर्वाधिक क्षेत्रफल वाला राज्य है। राज्य की अर्थव्यवस्था में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों का वर्ष 2025-26 में वर्तमान मूल्यों पर सकल राज्य मूल्य वर्धन (ळैट।) में 25.74 प्रतिशत का योगदान हैं। राज्य की कृषि मानसून वर्षा पर निर्भर हैं ऐसी भौगोलिक एवं जलवायवीय परिस्थितियों में कृषि उत्पादन की अनिश्चितता बढ़ जाती है, जिससे किसानों की आय एवं आजीविका प्रभावित होती है इन परिस्थितियों में कृषि बीमा, जोखिम प्रबंधन का महत्वपूर्ण साधन के रूप में उभरता है।विभिन्न जलवायवीय विषमताओं एवं कृषि-जोखिमों से प्रभावित राजस्थान, भारत का सर्वाधिक क्षेत्रफल वाला राज्य है। राज्य की अर्थव्यवस्था में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों का वर्ष 2025-26 में वर्तमान मूल्यों पर सकल राज्य मूल्य वर्धन (ळैट।) में 25.74 प्रतिशत का योगदान हैं। राज्य की कृषि मानसून वर्षा पर निर्भर हैं ऐसी भौगोलिक एवं जलवायवीय परिस्थितियों में कृषि उत्पादन की अनिश्चितता बढ़ जाती है, जिससे किसानों की आय एवं आजीविका प्रभावित होती है इन परिस्थितियों में कृषि बीमा, जोखिम प्रबंधन का महत्वपूर्ण साधन के रूप में उभरता है।प्रस्तुत शोध पेपर का उद्देश्य राजस्थान के कृषि जोखिम प्रबंधन में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की भागीदारी का नागौर जिले के संदर्भ कालिक विश्लेषण करना है। अध्ययन में सरकारी द्वितीयक आँकड़ों का उपयोग करते हुए योजना के अंतर्गत बीमित किसान, बीमित क्षेत्र, प्रीमियम, क्लेम भुगतान का विश्लेषण किया गया है और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (च्डथ्ठल्) की दीर्घकालिक प्रवृतियाँ के आँकड़ों का विश्लेषण वृद्धि दर, ब्।ळत् तथा तुलनात्मक विश्लेषण विधि द्वारा किया गया है।
How this paper connects to the literature. Drag to explore, click any node to open that paper.
