कशनगर म नगरकरण एव सथनय परयवरण म परवरतन: एक सथनक वशलषण
Abstract
कुशीनगर में तीव्र होती नगरीकरण प्रक्रिया ने भूमि उपयोग, कृषि क्षेत्र, हरित क्षेत्र, जल संसाधनों, परिवहन, अपशिष्ट प्रबंधन तथा स्थानीय पर्यावरणीय गुणवत्ता में परिवर्तन की संभावनाओं को बढ़ाया है। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य कुशीनगर में नगरीकरण के स्थानिक विस्तार तथा उसके स्थानीय पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण करना है। अध्ययन में नगरीकरण की तीव्रता, निर्मित क्षेत्र में वृद्धि, कृषि भूमि में कमी, हरित क्षेत्र में परिवर्तन, जल निकायों की स्थिति, अवसंरचनात्मक दबाव, ठोस अपशिष्ट तथा स्थानीय पर्यावरणीय परिवर्तन को प्रमुख विश्लेषणात्मक आयामों के रूप में सम्मिलित किया गया है। अध्ययन में प्राथमिक एवं द्वितीयक दोनों प्रकार के आँकड़ों के उपयोग का प्रस्ताव किया गया है। प्राथमिक आँकड़ों के लिए क्षेत्रीय सर्वेक्षण तथा संरचित प्रश्नावली और द्वितीयक आँकड़ों के लिए जनगणना, प्रशासनिक अभिलेख तथा बहु-समयिक उपग्रह चित्रों का उपयोग किया जा सकता है। स्थानिक विश्लेषण के लिए भौगोलिक सूचना प्रणाली तथा दूरसंवेदी तकनीकों का प्रयोग करते हुए विभिन्न समयावधियों में भूमि उपयोग एवं भूमि आवरण परिवर्तन का अध्ययन किया जाएगा। सांख्यिकीय विश्लेषण में प्रतिशत, माध्य, मानक विचलन, विश्वसनीयता परीक्षण, Pearson सहसंबंध, बहु-प्रतिगमन तथा विचरण विश्लेषण का उपयोग किया गया है। विश्लेषण से यह संकेत मिलता है कि नगरीकरण की तीव्रता और स्थानीय पर्यावरणीय परिवर्तन के बीच सकारात्मक संबंध है तथा नगर केंद्र, पर्यटन क्षेत्र और व्यावसायिक क्षेत्रों में पर्यावरणीय दबाव अपेक्षाकृत अधिक है। अध्ययन सतत नगरीय नियोजन, कृषि भूमि संरक्षण, हरित क्षेत्र विस्तार, जल संसाधन संरक्षण और पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन विकास के लिए उपयोगी आधार प्रदान करता है।
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