जयपर जल म सड़क यतयत एव यतयत परवह गहनत क भगलक वशलषण
Abstract
सामान्य अर्थ में विभिन्न स्थानों से यात्रियों, माल एवं संदेषों को आवागमन के लिए प्रयुक्त किए जाने वाले मार्गों को सड़क कहा जाता है, इन मार्गों पर मानव, पषुओं एवं मोटर वाहनों का संचालन होता है। स्थल यातायात के लिए प्रयुक्त मार्ग अपेक्षाकृत चैड़ा होता है एवं यह कच्चा या पक्का दोनों प्रकार का हो सकता है, सड़क कहलाता है। सड़कें परिवहन के सबसे पुराने साधनों में से एक हैं, सड़क निर्माण क्षेत्र सर्वेक्षण, मिट्टी सर्वेक्षण, यातायात सर्वेक्षण, ज्यामितिक बनावट, संरचनीय बनावट एवं वास्तविक निर्माण आदि चरणों में किया जाता है। सड़कें विभिन्न राज्यों, महानगरों, षहरों, कस्बों एवं गांवों के बीच आवष्यक संपर्क प्रदान करती हैं। सड़क यातायात ने आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्राचीन काल से ही इनके विकास पर मानव का ध्यान केन्द्रित रहा है एवं वर्तमान में सड़क यातायात का विकास काफी आगे निकल चुका है, साथ ही भविष्य के लिए उत्तम नियोजन प्रस्तावित है। यातायात प्रवाह गहनता सड़क यातायात के अन्तर्गत सड़क से गुजरने वाले सभी प्रकार के वाहनों (बस, ट्रक, माल वाहक, टैक्सी, कार, मोटर साईकिल, स्कूटर, रिक्षा, साईकिल आदि) एवं पैदल यात्रियों की संख्या को प्रदर्षित करने की एक वैज्ञानिक तकनीक है। इसे सड़क मार्ग के किसी हिस्से से निष्चित समय में गुजरने वाले वाहनों एवं पैदल यात्रियों की संख्या के आधार पर आंकलित किया जाता है, यातायात प्रवाह गहनता को सड़क का प्रकार एवं सड़क की चैड़ाई विषेष रूप से प्रभावित करते हैं। यदि सड़क पर वाहनों की संख्या अधिक होती है तो वाहनों की गति कम हो जाती है एवं वाहनों की संख्या कम होने पर उनकी गति अधिक हो जाती है अर्थात् वाहनों की संख्या एवं उनकी गति के बीच व्युत्क्रम संबंध पाया जाता है। यातायात प्रवाह गहनता की गणना एक दिषा में या एक लेन में जाने वाले वाहनों की संख्या के आधार पर की जाती है, जो कि 1 मिनट, 5 मिनट, 15 मिनट, 1 घण्टा, 24 घण्टे, आदि समयावधि में सड़क मार्ग या उसके किसी भाग से गुजरते हैं, आदर्ष रूप में 1 घण्टे की समयावधि को आधार बनाया जाता है। यातायात प्रवाह गहनता वाहनों की गति, प्रवाह एवं सघनता पर निर्भर करती है।
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