औदयगक नगर म नगरकरण, आवसय वसतर और घरल जल तनव: रजसथन क भलवड शहर क अधययन
Abstract
प्रस्तुत शोध राजस्थान के अर्ध-शुष्क क्षेत्र में स्थित भीलवाड़ा शहर में नगरीकरण, आवासीय विस्तार और घरेलू जल तनाव के अंतर्संबंधों का विश्लेषण किया गया है । पिछले कुछ दशकों में औद्योगिक विकास, विशेषकर वस्त्र उद्योग के विस्तार, ने शहर में तीव्र जनसंख्या वृद्धि और स्थानिक फैलाव को प्रेरित किया है, जिससे भूमि उपयोग संरचना और घरेलू जल मांग में महत्वपूर्ण परिवर्तन आए हैं। इस अध्ययन स्पष्ट करता है कि शहरी जल तनाव केवल आपूर्ति की कमी का परिणाम नहीं, बल्कि नगरीकरण और आवासीय विकास की संरचनात्मक प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है। अध्ययन में जनगणना आँकड़ों, CPHEEO मानकों तथा भूमि उपयोग और जल आपूर्ति से संबंधित द्वितीयक स्रोतों का उपयोग किया गया है। जनसंख्या गतिकी और आवासीय भूमि उपयोग के विश्लेषण के माध्यम से घरेलू जल मांग का आकलन किया गया है। अध्ययन के परिणाम दर्शाते है की जल आपूर्ति अवसंरचना की सीमाओं के कारण बढ़ती घरेलू जल मांग और उपलब्ध संसाधनों के बीच अंतर लगातार बढ़ रहा है। शोध यह प्रतिपादित करता है कि अर्ध-शुष्क औद्योगिक नगरों में सतत जल प्रबंधन के लिए जल-संवेदनशील शहरी नियोजन और मांग प्रबंधन आधारित दृष्टिकोण अनिवार्य है।
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