भरतय करयसथल म पढगत ववधत क अपनन: चनतय, लभ और रणनतक उपय
Abstract
आज के गतिशील और निरंतर विकसित हो रहे संगठनात्मक परिदृश्य में आयु-आधारित विविधता एक महत्वपूर्ण विशेषता बन चुकी है। आधुनिक भारतीय कार्यस्थलों में विभिन्न आयु वर्गों के कर्मचारी एक साथ कार्य कर रहे हैं, ऐसे में उनके अनुभवों, सोचने के तरीकों और अपेक्षाओं का समन्वय करना अत्यंत आवश्यक हो गया है। प्रत्येक पीढ़ी अपने साथ कुछ विशेष योग्यताएँ, क्षमताएँ और सीमाएँ लेकर आती है, जिन्हें मानव संसाधन प्रबंधन की जिम्मेदारी होती है कि वे आपसी सामंजस्य स्थापित कर संगठनात्मक सफलता सुनिश्चित करें। यह शोध पत्र भारत की कार्यशील जनसंख्या में सम्मिलित विभिन्न पीढ़ियों का विश्लेषण करता है, उनके बीच उत्पन्न होने वाली पारस्परिक चुनौतियों की पहचान करता है और यह दर्शाता है कि किस प्रकार रणनीतिक मानव संसाधन प्रबंधन इन पीढ़ियों के बीच की दूरी को नवाचार, शिक्षण एवं सहयोग के अवसरों में बदल सकता है। साथ ही, यह शोध हाल के कार्यस्थल परिवर्तनों—जैसे रिमोट वर्क, डिजिटल लर्निंग और तकनीकी परिवर्तन—के संदर्भ में आयु समावेशन और पीढ़ियों के बीच संबंधों पर भी प्रकाश डालता है।
How this paper connects to the literature. Drag to explore, click any node to open that paper.
